हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे अभियुक्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी ने अभियुक्त सूरज को मामले में राहत देते हुए कहा कि वह घटना के समय नाबालिग था। उसने दस साल जेल में बिताए, जबकि नाबालिगों को अधिकतम तीन साल कैद की सजा दी जाती है। लिहाजा, अदालत जेल अधीक्षक को
10 साल जेल में बिताने के बाद साबित हुआ नाबालिग






0 comments:
Post a Comment