रात तीन बजे बेटे के फेरे संपन्न हुए। विवाह की बाकी रस्में निभाई गई। मेहमानों की विदाई हुई और सुबह नौ बजे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर अपने कार्यालय में रोज की तरह लोगों से मिलने-जुलने व अपना काम करने के लिए मौजूद थे।
बेटे की शादी मेंपार्रिकर ने पेश की सादगी की मिसाल






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